ग्रंथसार
अंधेरे को रोशनी से जीतने की तैयारी सिर्फ मिट्टी के दीयों की नहीं, बल्कि मन की शुद्धि की भी होती थी।
त्योहार एवं व्रत · पाठ 6
दीपावली: दीप प्रज्वलन की संध्या