ग्रंथसार
अंधेरी रात में जब दीपों की कतार जलती है, तो लगता है जैसे घर का हर कोना अपनी पुरानी यादें ताज़ा कर रहा हो।
त्योहार एवं व्रत · पाठ 7
दीपावली की रात्रि: घर की पूजा और मर्यादा