ग्रंथसार
परंपरा का अर्थ अतीत को जड़वत ढोना नहीं, बल्कि उसे विवेक की कसौटी पर परखना है।
आज की धर्म परम्परा · पाठ 5
कठिन प्रसंगों का ईमानदार पाठ