ग्रंथसार
आज की युवा पीढ़ी केवल लकीर की फकीर नहीं बनना चाहती, बल्कि वह परंपरा के अर्थ को अपने जीवन की कसौटी पर परखना चाहती है।
आज की धर्म परम्परा · पाठ 7
युवा साधक और उनके प्रश्न