ग्रंथसार
भक्ति काल के कवियों ने अपनी कलम से जो साहित्य रचा, वह समय की रेत पर नहीं बल्कि जनमानस की आत्मा पर लिखा गया एक अमिट लेख है।
भक्ति काल · पाठ 8
साहित्यिक धरोहर और भक्ति का अमृत