ग्रंथसार
जब हमारी सनातन धारा ने सात समुद्र पार किए, तो उसे यह अहसास हुआ कि सत्य की प्यास दुनिया के हर कोने में मौजूद है।
नवजागरण · पाठ 6
विश्व मंच पर परंपरा