ग्रंथसार
युद्धभूमि में एक अद्भुत और भयावह दृश्य था — जैसे ही असुर रक्तबीज के शरीर से रक्त की एक बूँद धरती पर गिरती, ठीक वैसा ही एक और असुर खड़ा हो जाता।
अनसुनी कथाएँ · पाठ 105
रक्तबीज की हर बूंद से नया असुर क्यों जन्म लेता था? (संक्षेप)