ग्रंथसार
क्या गुरु के बिना भी कोई विद्या सीखी जा सकती है? क्या अटूट श्रद्धा और विश्वास से असम्भव भी सम्भव हो जाता है?
अनसुनी कथाएँ · पाठ 11
एकलव्य ने बिना गुरु से शिक्षा पाए धनुर्विद्या कैसे सीखी? (संक्षेप)