ग्रंथसार
चाँदनी रात में अपने महल की छत पर लेटे हुए उस दानी राजा ने कभी सोचा भी न था कि आकाश में उड़ते दो पक्षी उसके जीवन की दिशा ही बदल देंगे।
अनसुनी कथाएँ · पाठ 114
राजा रैक्व ने एक धनी राजा को ज्ञान का क्या महत्व समझाया? (विस्तार)