ग्रंथसार
यदि यह सारी पृथ्वी धन-सम्पत्ति से भर जाए, तो क्या उससे मैं अमर हो सकती हूँ?
अनसुनी कथाएँ · पाठ 115
याज्ञवल्क्य ने मैत्रेयी को अमरत्व के विषय में क्या बताया? (संक्षेप)