ग्रंथसार
अशोक वाटिका की घोर अंधकारमयी रात्रि में, जब राक्षसियाँ माता सीता को चारों ओर से घेरे हुए थीं, तब एक वृद्ध राक्षसी ने उन्हें रोक दिया।
अनसुनी कथाएँ · पाठ 127
त्रिजटा ने माता सीता को अपने स्वप्न में क्या बताया था? (संक्षेप)