ग्रंथसार
अशोक वाटिका की उस घोर अंधकारमयी रात्रि में, एक राक्षसी के स्वप्न ने इतिहास की दिशा बदल दी।
अनसुनी कथाएँ · पाठ 128
त्रिजटा ने माता सीता को अपने स्वप्न में क्या बताया था? (विस्तार)