ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र का महायुद्ध समाप्त हो चुका था, परन्तु एक योद्धा के हृदय में प्रतिशोध की ज्वाला अभी-अभी प्रचंड हुई थी।
अनसुनी कथाएँ · पाठ 137
अश्वत्थामा ने रात के अंधेरे में पांडव शिविर पर आक्रमण क्यों किया? (संक्षेप)