ग्रंथसार
कल्पना कीजिए उस क्षण की, जब एक जिज्ञासु, ऋषि के चरणों में बैठकर वह प्रश्न पूछता है, जो समस्त ज्ञान का द्वार खोल दे।
अनसुनी कथाएँ · पाठ 173
शौनक ने अंगिरस ऋषि से ऐसा कौन-सा प्रश्न पूछा जो सब कुछ जानने से जुड़ा था? (संक्षेप)