ग्रंथसार
यह उस समय की बात है जब श्रीराम ने पूछा—संसार में इतना दुःख क्यों है?
अनसुनी कथाएँ · पाठ 191
जब श्रीराम ने ऋषि वशिष्ठ से पूछा—संसार में इतना दुःख क्यों है? (संक्षेप)