ग्रंथसार
एक बार देवर्षि नारद को यह अभिमान हो गया कि उन्होंने कामदेव पर विजय पा ली है।
अनसुनी कथाएँ · पाठ 213
जब नारद ने भगवान विष्णु से पूछा—आपकी माया क्या है? (संक्षेप)