ग्रंथसार
सोचिए, उस क्षण ब्रह्माण्ड में कैसी खलबली मची होगी, जब स्वयं जीवन देने वाले समुद्र ने मृत्यु उगलनी आरम्भ कर दी।
अनसुनी कथाएँ · पाठ 22
भगवान शिव ने समुद्र मंथन का विष क्यों पिया? (विस्तार)