ग्रंथसार
जब राजा विक्रमादित्य के सामने एक ऐसा प्रश्न आया, जिसने उनके विवेक और धर्म की सबसे कठिन परीक्षा ली।
अनसुनी कथाएँ · पाठ 226
राजा विक्रमादित्य और बेताल का वह प्रश्न जिसने राजा को सोचने पर मजबूर किया (विस्तार)