ग्रंथसार
राजा जनक के मन में एक गहरा प्रश्न उठा — जब सारे बाहरी प्रकाश बुझ जाएँ, तब मनुष्य का मार्गदर्शक कौन होता है?
अनसुनी कथाएँ · पाठ 251
जब राजा जनक ने याज्ञवल्क्य से परम ज्ञान का प्रश्न पूछा (संक्षेप)