ग्रंथसार
अड़तालीस दिन भूखे रहने के बाद भी राजा रन्तिदेव ने अपना भोजन और जल क्यों दान कर दिया?
अनसुनी कथाएँ · पाठ 257
राजा रन्तिदेव ने भूखे रहकर भी अपना भोजन दूसरों को क्यों दिया? (संक्षेप)