अनसुनी कथाएँ · पाठ 258राजा रन्तिदेव ने भूखे रहकर भी अपना भोजन दूसरों को क्यों दिया? (विस्तार)
अड़तालीस दिनों के उपवास के बाद, जब राजा रन्तिदेव भोजन करने बैठे, तो नियति ने उनकी ऐसी परीक्षा ली जो आज भी मानवता की सबसे बड़ी कथाओं में से एक है।
हिन्दी कथा