ग्रंथसार
अक्रूर जी का रथ यमुना जी के तट पर रुका, और वे नहीं जानते थे कि जल की एक डुबकी उनके जीवन का सबसे बड़ा सत्य प्रकट करने वाली थी।
अनसुनी कथाएँ · पाठ 267
भक्त अक्रूर को यमुना के जल में कौन-सा दिव्य दर्शन हुआ? (संक्षेप)