ग्रंथसार
यह कथा हमें सिखाती है कि भगवान वस्तु को नहीं, बल्कि अर्पण करने वाले के पवित्र भाव को ग्रहण करते हैं।
अनसुनी कथाएँ · पाठ 269
जब विदुराणी की भक्ति से जुड़ी केले के छिलकों की प्रसिद्ध कथा सामने आती है (संक्षेप)