ग्रंथसार
देवताओं का तेज मंद पड़ रहा था, स्वर्गलोक में अंधकार छा रहा था, क्योंकि असुर तारकासुर का आतंक अपने चरम पर था।
अनसुनी कथाएँ · पाठ 285
भगवान कार्तिकेय ने तारकासुर का वध क्यों किया? (संक्षेप)