ग्रंथसार
क्या कभी ऐसा हो सकता है कि भगवान की पत्थर की मूर्ति सचमुच भोग ग्रहण कर ले?
अनसुनी कथाएँ · पाठ 47
संत नामदेव की भक्ति से जुड़ी एक प्रसिद्ध लोककथा (संक्षेप)