ग्रंथसार
हस्तिनापुर के राजमहल में उस दिन हर ओर बस आडम्बर था, दिखावा था, पर भगवान श्रीकृष्ण की आँखें किसी और को खोज रही थीं।
अनसुनी कथाएँ · पाठ 70
श्रीकृष्ण ने विदुर के घर भोजन करना क्यों स्वीकार किया? (विस्तार)