ग्रंथसार
क्या ईश्वर सचमुच हर जगह है, यहाँ तक कि एक निर्जीव खंभे में भी?
अनसुनी कथाएँ · पाठ 73
भगवान नरसिंह खंभे से ही क्यों प्रकट हुए? (संक्षेप)