ग्रंथसार
गुरु-भक्ति की यह कथा सिखाती है कि सच्ची श्रद्धा और पूर्ण समर्पण से ही ज्ञान और ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है।
महाभारत की अनसुनी कथाएँ · पाठ 3
आरुणि और उपमन्यु