ग्रंथसार
गुरु के प्रति एक शिष्य की अटूट निष्ठा की यह कथा बताती है कि कैसे एक संकल्प पूरे नागवंश के विनाश का कारण बन गया।
महाभारत की अनसुनी कथाएँ · पाठ 5
उत्तंक की गुरुदक्षिणा