ग्रंथसार
क्या आपने कभी किसी राज्य के सिंहासन पर मुकुट के स्थान पर लकड़ी की दो साधारण सी खड़ाऊँ को विराजते देखा है?
रामायण की अनसुनी कथाएँ · पाठ 14
सिंहासन पर श्रीराम की खड़ाऊँ