ग्रंथसार
श्री साईं बाबा की जली हुई बाँह की सेवा करने वाले भागोजी शिंदे स्वयं रोग से पीड़ित थे, लेकिन इस प्रसंग में उनकी पहचान रोग नहीं, उनका समर्पण बन जाता है।
श्री साईं बाबा — कथाएँ, लीलाएँ और अनुभव · पाठ 10
धूनी के पास सेवा