ग्रंथसार
जिस माथे पर चंदन लगाने का साहस दूसरे भक्त नहीं करते थे, वहाँ डॉक्टर पंडित ने त्रिपुंड्र लगाया और श्री साईं बाबा ने उन्हें रोका नहीं—आखिर क्यों?
श्री साईं बाबा — कथाएँ, लीलाएँ और अनुभव · पाठ 15
डॉक्टर पंडित का चंदन