ग्रंथसार
श्री साईं बाबा ने सीढ़ी मँगवाई, छतें पार कीं और फिर मजदूरी देकर समझाया कि किसी की मेहनत का सम्मान कहाँ से शुरू होता है।
श्री साईं बाबा — कथाएँ, लीलाएँ और अनुभव · पाठ 23
सीढ़ी और उचित मजदूरी