ग्रंथसार
अनंतराव पाटणकर ने बहुत पढ़ा था, फिर भी मन अशांत था—श्री साईं बाबा ने उनके प्रश्न का उत्तर एक घोड़ी और नौ लीद के गोलों की अनोखी कथा से दिया।
श्री साईं बाबा — कथाएँ, लीलाएँ और अनुभव · पाठ 25
नौ प्रकार की भक्ति