ग्रंथसार
एक दुर्बल बकरे के सामने श्री साईं बाबा ने ऐसी परीक्षा रखी, जिसमें किसी ने प्रश्न किया, किसी ने देर लगाई और किसी ने छुरी उठा ली—पर अंतिम क्षण में उन्होंने उसे रोक दिया।
श्री साईं बाबा — कथाएँ, लीलाएँ और अनुभव · पाठ 28
बकरे के सामने परीक्षा