ग्रंथसार
जिस व्यापार में दामू अण्णा को बड़ा लाभ दिखाई दे रहा था, उसी से दूर रहने की सलाह मिली तो उनका मन तुरंत मान नहीं पाया।
श्री साईं बाबा — कथाएँ, लीलाएँ और अनुभव · पाठ 30
दामू अण्णा का व्यापार