ग्रंथसार
श्री साईं बाबा ने हरिश्चंद्र पितले को तीन रुपये देते हुए पहले दिए गए दो रुपयों की याद दिलाई, लेकिन पितले को ऐसी कोई भेंट याद ही नहीं थी।
श्री साईं बाबा — कथाएँ, लीलाएँ और अनुभव · पाठ 32
पितले के तीन रुपये