ग्रंथसार
वे श्री साईं बाबा के पास भजन लेकर आए थे, लेकिन एक स्वप्न ने पति को अपने ही प्रणाम का अर्थ फिर से समझने पर विवश कर दिया।
श्री साईं बाबा — कथाएँ, लीलाएँ और अनुभव · पाठ 36
भजन मंडली का बदलता मन