ग्रंथसार
काकाजी जिस शांति की तलाश में भटक रहे थे, उसी खोज के बीच अपनी माँ की मन्नत पूरी करने निकले शामा उनके द्वार तक पहुँच गए।
श्री साईं बाबा — कथाएँ, लीलाएँ और अनुभव · पाठ 38
काकाजी की खोज