ग्रंथसार
गोवा से आए दो अतिथियों में से श्री साईं बाबा ने एक से दक्षिणा माँगी और दूसरे की भेंट लौटा दी—पर इसका कारण दोनों की अपनी स्मृतियों में छिपा था।
श्री साईं बाबा — कथाएँ, लीलाएँ और अनुभव · पाठ 44
गोवा के दो अतिथि