ग्रंथसार
गुरुवर, भृगुवंश के उस गौरवशाली इतिहास और रुरु के उस प्रेम की कथा सुनाइए, जहाँ एक शुभ विवाह के उल्लास के पीछे विधि का विधान छिपा था।
आदिपर्व · अध्याय 10
च्यवन का वंश और रुरु-प्रमद्वरा का प्रणय