ग्रंथसार
सूतजी की अमृतमयी वाणी से आज वन के एकांत में छिपे उस रहस्यमयी शाप की कथा गूँज रही है, जिसने पाण्डु जैसे प्रतापी राजा का भाग्य ही बदल दिया।
आदिपर्व · अध्याय 118
ऋषि किन्दम का वध और पाण्डु को शाप