ग्रंथसार
महाराज पाण्डु के राजपाट से विरक्त होकर वन-प्रस्थान करने की कथा, वैराग्य की उस पराकाष्ठा का प्रमाण है जिसे सुनकर हृदय कांप उठता है।
आदिपर्व · अध्याय 119
पाण्डु का वैराग्य और संन्यास का संकल्प