श्वेतकेतु का आख्यान और पाण्डु का कुन्ती को नियोग का निर्देश
सतयुग से कलयुग तक धर्म की धारा कैसे बदली, यह समझने के लिए हमें महाराज पाण्डु और माता कुन्ती के उस कालखंड में चलना होगा जहाँ कुल-मर्यादा ही जीवन का आधार थी।
हिन्दी कथा
श्वेतकेतु का आख्यान और पाण्डु का कुन्ती को नियोग का निर्देश
आदिपर्व · अध्याय 121
श्वेतकेतु का आख्यान और पाण्डु का कुन्ती को नियोग का निर्देश