ग्रंथसार
नैमिषारण्य की शीतल छाया में बैठकर मुनि शौनक और सूतजी के बीच हुआ वह कालजयी संवाद आज भी धर्म की राह दिखाने वाला दीपक है।
आदिपर्व · अध्याय 13
शौनक जी का आस्तीक चरित विषयक प्रश्न