ग्रंथसार
गुरुदेव, रंगभूमि की वह गर्माहट आज भी इतिहास के पन्नों में एक अनसुलझे द्वंद्व की भांति स्पंदित होती है, क्या हुआ था उस दिन हस्तिनापुर के प्रांगण में?
आदिपर्व · अध्याय 132
कर्ण का अंगराज्याभिषेक और रंगभूमि का समापन