ग्रंथसार
एकाग्रता ही वह दिव्य शक्ति है, जो साधारण लक्ष्य को भी एक महान उपलब्धि में बदल देती है, आओ आज उसी शिक्षा की कथा सुनें।
आदिपर्व · अध्याय 134
कृत्रिम पक्षी का वेध (लक्ष्य-वेध परीक्षा)