ग्रंथसार
नयी ऋतु के आगमन के साथ ही हस्तिनापुर के राजदरबार में भी सत्ता के समीकरणों की एक नई हवा चलने लगी थी, देवरात।
आदिपर्व · अध्याय 140
युधिष्ठिर का यौवराज्याभिषेक