ग्रंथसार
एकचक्रा नगरी से निकलकर पाण्डवों की वह रहस्यमयी यात्रा केवल काम्पिल्य की ओर नहीं, बल्कि नियति के पुनर्गठन की ओर थी।
आदिपर्व · अध्याय 168
पाण्डवों का पाञ्चाल की ओर प्रस्थान