ग्रंथसार
वीरता के प्रदर्शन में नीति का कौन सा पक्ष छिप जाता है, यह समझने हेतु सूतजी के चरणों में बैठे देवरात का हृदय आतुर था।
आदिपर्व · अध्याय 196
कर्ण का युद्ध-प्रस्ताव